Hosting Meaning In Hindi | वेब होस्टिंग क्या है और कैसे काम करता है

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नमस्कार दोस्तों आज हम web Hosting के बारे में जानेंगे जो की वेबसाइट को इंटरनेट में दिखाने के लिए अत्यंत आवश्यक है यदि हमें कोई भी वेबसाइट बनानी है तो इसे जानना अत्यंत जरूरी है तो चलिए हम इस लेख के माध्यम से Web hosting से जुड़ी संपूर्ण जानकारी का अध्ययन करेंगे तथा इससे जुड़ी संपूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए आप इस लेख को अंत तक पढ़े !

Web hosting क्या है ? What Is Web Hosting In Hindi

जब हम वेबसाइट या ब्लॉग बनाते हैं तो उसके सारे Content, Videos, Pages, Images आदि चीजों को सर्वर में स्टोर करना पड़ता है ताकि अन्य लोग इंटरनेट के जरिए उसे access कर पाए,वेबहोस्टिंग सेवा एक प्रकार की इंटरनेट होस्टिंग सेवा है जो कस्टमर के वेबसाइट को होस्ट करती हैयह एक प्रकार की सर्विस है तथा हमें होस्टिंग के लिए एक Powerful Server की जरूरत पढ़ती है जो कि हमेशा इंटरनेट से कनेक्ट रहे जिससे हमारी साइड बिना किसी समस्या के यूजर तक 24 घंटे अवेलेबल रहे चूंकि इस प्रकार के सर्वर को हम स्वयं ना ही संचालित  और ना ही maintain कर सकते है इसे मेंटेन करने में बहुत ज्यादा खर्च आता है

इसलिए हम वेबहोस्टिंग के लिए वेबहोस्टिंग कंपनीज का सहारा लेते हैं क्योंकि वह होस्टिंग कंपनी के पास खुद का Staffs, Powerfull Server, technology आदि होती हैं बस हम इसे सालाना या मासिक पैकेज के हिसाब से खरीद लेते हैं जिससे हमें इनके सरवर में जगह मिल जाती है और हम वहां अपनी वेबसाइट को होस्ट कर पाते हैं

वेबहोस्टिंग का इतिहास (हिंदी में).

सन 1995 में इंटरनेट पर किसी वेबसाइट को होस्ट करने के लिए किसी Staffs या कंपनी को खुद के कंप्यूटर की आवश्यकता होती थी लेकिन कंपनी के पास ऐसा करने के लिए बजट या स्पेशलिस्ट नहीं थे सन 1990  तक इंटरनेट केबल उपयोग के लिए प्रतिबंधित था विज्ञान के क्षेत्र में, शिक्षा के क्षेत्र में, इंजीनियरों के क्षेत्र में, तथा मैसेज में ईमेल,तेलनेट, FTP, के लिए इस्तेमाल होता था WWB प्रोटोकॉल केवल लिखे गए थे सन 1993 तक विंडोज कंप्यूटर के लिए ग्राफिकल वेब ब्राउजर हुए फिर सन 1995 के बाद वेब होस्टिंग सेवाएं उपयोगकर्ताओं की वेबसाइटों को अपने सर्वर पर होस्ट करने के लिए बताने लगे

बिना क्लाइंट के Website manage कर पाना संभव ही नहीं थाइन सब को देखते हुए वेबमास्टर ने एक ऐसी वेबसाइट बनाने में जुट गए जो कि बिना क्लाइंट के ही वर्क करेंगी तथा web होस्टिंग सेवा के सर्वर पर होस्ट की जाएंगी और वेब पर प्रकाशित की जाएंगी जैसे-जैसे वर्ल्डवाइड वेब पर  उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़ती गई बड़ी और छोटी दोनों कंपनियां पर ऑनलाइन उपस्थिति का दबाव बढ़ता गया और कई कंपनी मुक्त होस्टिंग की पेशकश करने लगी ।

वेब होस्टिंग कितने प्रकार की होती हैं ?

इसकी मुख्य चार प्रकार होते हैं जब हम वेबसाइट बनाते हैं तो अपनी जरूरतों के हिसाब से हम होस्टिंग खरीदते हैं उसी को इसके प्रकार में रखा गया है इसके कई अन्य प्रकार भी होते हैं जिसमें से मुख्य चार हैं ।

  • शेयर्ड होस्टिंग (Shared hosting)
  • डेडीकेटेड होस्टिंग (Dedicated hosting)
  • वीपीएस होस्टिंग (VPS Hosting)
  • क्लाउड होस्टिंग (Cloud hosting)

1.शेयर्ड होस्टिंग (Shared hosting)-

शेयर्ड होस्टिंग से ही समझ आ रहा है कि इस प्रकार की होस्टिंग में कई सारे वेबसाइट एक ही सर्वर का उपयोग करते हैं जैसे कि एक साथ मिलकर कई सारे वेबसाइट एक ही सरवर के Space, RAM, औरCPU का उपयोग करते हैं इसलिए यह दूसरे होस्टिंग के मुकाबले थोड़ा सस्ता होता है

आप एक Example -के तौर में समझ सकते हैं जैसे कि यदि आपके पास स्वयं की Car है तो आप स्वयं की कार से ही कहीं के लिए यात्रा करेंगे तो आप का ज्यादा खर्च आएगा लेकिन वही आप किसी बस या ट्रेन में यात्रा करते हैं तो काफी कम खर्च में हो जाएगा लेकिन यदि यात्रा के समय बस या ट्रेन में भीड़ अधिक हो जाए तब आपको समस्या आ सकती है ठीक उसी प्रकार Shared hosting में भी कभी-कभी समस्या उत्पन्न हो जाती है जैसे की वेबसाइट में ट्रैफिक बहुत ज्यादा आ जाने की वजह से वेबसाइट की स्पीड में कमी आ जाती है और कभी-कभी यह भी हो सकता है कि आपके Visitors को कुछ Technical error दिखाई देने लगे।

SharedHosting किस Users के लिए बेहतर है ?

यदि आपने अभी शुरुआत की है अपने बिजनेस की, और इस छोटे बिजनेस से आप आगे वर्क करना चाहते हैं तो इस प्रकार की होस्टिंग आपके लिए बहुत ही सही तथा कम खर्चीली वाली होगी तथा जो भी ब्लॉक से शुरू करते हैं उनके लिए भी शेयर्डहोस्टिंग से शुरुआत करना सही होगा  क्योंकि इस मेंहोस्ट करना बहुत ही सरल और आसान होता है इसमें कई सारे Tools और plug-ins को आप बड़ी आसानी से इंस्टॉल कर पाएंगे।

2.डेडीकेटेड होस्टिंग (Dedicated hosting)

डेडीकेटेड होस्टिंग (Dedicated hosting) की वेबसाइट उसी को डेडीकेट होती है जिसने उसे खरीदा है लेकिन यह वेबसाइट काफी महंगी होती है इस के महंगे होने का कारण यह है कि इसमें कोई अन्य website host नहीं हो सकेगी इस तरह की होस्टिंग में पूरे सर्वर पर केवल और केवल आपकी वेबसाइट होस्ट होगी यह पूरी तरह से आपके Control में रहेगी आप इसकी Operating System तथा Settings में बदलाव ला सकते हैं तथा जब इसे होस्टिंग में खुद की Website Hosting होगी तो इसमें ट्राफिक की कोई समस्या नहीं होगी जिससे Speed और Performance Increase होगा।

डेडीकेटेड होस्टिंग (Dedicated hosting) किस यूजर्स के लिए बेहतर है ?

जिस Users के पास बड़ी वेबसाइट है जिस पर बहुत अधिक traffic होता है उसे डेडीकेटेड पोस्टिंग लेनी चाहिए जैसे आपके पास Ecommerce website है जिसका साइज बहुत बड़ा होता है तो उसके लिए यह होस्टिंग बहुत फायदेमंद होगी।

VPS Hosting (Virtual private server hosting)

इस तरह की होस्टिंग जो शेयर्डहोस्टिंग से ज्यादा बेहतर लेकिन डेडीकेटेड होस्टिंग से कम बेहतर होती हैं यह शेयर्ड तथा डेडीकेटेडहोस्टिंग का मिश्रण होता है  जिसमें कई सारे Servers को Virtual Server में बांट दिया जाता है जिसमें एक वेबसाइट hoster को एक वर्चुअल server दिया जाता है और उस Server पर सिर्फ उसी का अधिकार होता हैइस भौतिक में शेयर्ड होस्टिंग के मुकाबले अधिक Space, Computing power, और bandwidth दिया जाता है इस कारण से VPS Hostingमें Page load time , VPS की अपेक्षा अधिक फास्ट होता है लेकिन हमें इसकी भी जानकारी होनी चाहिए कि VPS होस्टिंग की कुछ Limitations भी होती हैं।

VPS होस्टिंग किस यूजर के लिए बेहतर है?

यदि किसी को अपनी वेबसाइट में ट्राफिक ज्यादा लग रहा है तथा उसकी Loading speed कम हो रही है तब आप Shared Hosting कीतुलना और जगह में VPS HOSTING को चुन सकते हैं ।

क्लाउड होस्टिंग-

तभी उसने की कुछ ना कुछ LIMITATIONS होती है जैसे कि डेडीकेटेड होस्टिंग और जीपीएस के साथ यह समस्या है कि उनके पास Resources, Storage और Capacity कीएक limit दी होती है क्लाउड होस्टिंग में ऐसा कुछ भी नहीं होता इसमें Storage, Capacity कि कोई limitations नहीं होती और ना ही resources कम होता है हालांकि VPS, Dedicated Hosting कि जोlimitation होती है वह भी कुछ कम नहीं होती,ज्यादातर Website वाले इस तक पहुंच ही नहीं पाते लेकिन कभी-कभी वेबसाइट के कुछ Content viral हो जाते हैं

जिसे अचानक ट्रैफिक बढ़ जाता है जिस को हैंडल करना बहुत मुश्किल हो जाता है इस समस्या को सॉल्व करने के लिए क्लाउडहोस्टिंग का प्रयोग करना चाहिए इसमें कई सारे सरवर एक साथ मिलकर अपनी वेबसाइट को होस्ट करते हैं लेकिन इसके साथ भी एक समस्या यह है कि इसमें आप कोई भी सेटिंग को चेंज नहीं कर सकते पिछले कुछ सालों से यह बहुत अधिक Popular हुआ है इसका चलन अब बढ़ता ही जा रहा है।

क्लाउड होस्टिंग किस यूजर के लिए बेहतर है?

इस पोस्टिंग का उपयोग उनके लिए बेहतर है जो समय समय पर ट्रैफिक Spikes के वजह से परेशान रहते हैं यह होस्टिंग, flexible hosting solution है क्योंकि आप अपने जरूरत के हिसाब से मेमोरी तथा डिस्कस्पेस को बढ़ा सकते हैं इसलिए क्लाउड होस्टिंग बहुत ही उपयोगी है ।।

Website hosting के काम करने का तरीका–

यह एक कंपनी होती है जो की वेबसाइट Owners कोServer के माध्यम से वेबसाइट को host करने की सुविधा देता है और इसके बदले में हर महीने या सलाना आपसे कुछ पैसे लेता है वेबसाइट के सारे HTML PAGES , VIDEOS, IMAGES आदि को अपलोड कर देते हैं तब उस इंटरनेट में आपके द्वारा बनाया गया डोमेन नाम या वेब Address के जरिए कोई भी इसमें विजिट कर सकता है जैसे ही कोई आपका डोमेन डाल कर आपके वेबसाइट में प्रवेश करता है तब उसका कंप्यूटर उस सर्वरसे कनेक्ट हो जाता है जिस पर आपने होस्टिंग की हुई है इसके कनेक्ट होने के बाद सरवर उस HTML Pages और कंटेंट कोvisitor के ब्राउज़र में डिस्प्ले कर देगा।

होस्टिंग मे क्या-क्या फीचर्स होते हैं ?

जब भी अब होस्टिंग खरीदते हैं तब आपको नीचे दिए गए सभी बेसिक फीचर्स को ध्यान से पढ़ना चाहिए  जिसमें

Hosting type, and hosting company यह सब प्लान के अनुसार अलग-अलग भी हो सकता है।

1.Storage – आपको अपनी वेबसाइट होस्टिंग अकाउंट में HTML pages, graphic अन्य मीडिया आदि को स्टोर करने के लिए पर्याप्त diskspace होना चाहिए जिससे आप उस अकाउंट में पर्याप्त सामग्रियां अपलोड कर सकें इसलिए आपको अपनी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बेस्ट होस्टिंग प्लान को चुनना चाहिए।

2.Uptime – up टाइम का अर्थ यह है कि जो कंपनी आपको होस्टिंग प्रोवाइड कर रही है वह कितने gurrented हैजिसका मतलब आप की वेबसाइट कम से कम 99.9 प्रतिशत हर समय आपके Visitors के लिए उपलब्ध रहेगी यह एक trusted, web hosting provider की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक है।

3.Bandwidth –bandwidth का वर्क अपनी वेबसाइट andvisitors के बीच एक निश्चित समय में डाटा को ट्रांसफर करना होता है इस बैंडविथ की वजह से एक ही समय में अधिक से अधिक लोग आपकी वेबसाइट को बिना किसी रूकावट के access कर सकते हैं यदि कंपनी अधिक bandwidth देती है तो आपकी वेबसाइट बिना किसी रूकावट के चलेगी वहीं यदि लो bandwidth से आपके वेबसाइट की स्पीड कम हो सकती है।

4.E mail – आपको कंपनी वेबहोस्टिंग की सुविधा तो देती ही है इसके अलावा आप ईमेल होस्टिंग की सुविधा भी ले सकते हैं जिसके माध्यम से आप custom e-mail address बना सकते हैं तथा इसके अलावा ईमेल होस्टिंग में आप को ईमेल रिसीव करना सेंड करना से लेकर कई अन्य features virus, spam filter , calander, आदि भी ले सकते हैं।

5.Customer support – आपको इस बात का भी ध्यान देना चाहिए कि आपका होस्टिंग प्रोवाइडर आप की तकनीकी सहायता के लिए किस टाइम में उपलब्ध रहता है, क्या उसका कोई कांटेक्ट नंबर है? उसे कॉल करने की सुविधा है?क्या आप उन्हें ईमेल भेजकर अपनी समस्या बता सकते हैं? उसका response टाइम क्या है ? क्या इसमें लाइवचैट की सुविधा है? यह सब हमें चेक करना चाहिए जिसमें आप को भविष्य में होने वाली होस्टिंग Related किसी भी परेशानी को आसानी से सुलझाया जा सकता है।

वेब होस्टिंग और डोमेन में अंतर

जैसे कि वेब होस्टिंग के बारे में तो जान ही चुके हैं जिसका उपयोग वेबसाइट में स्टोरेज के रूप में किया जाता है और डोमेन एक नाम की तरह होता है जो आपकी वेबसाइट का Address बताता है यह डोमेन नाम और वेबहोस्टिंग दोनों अलग-अलग चीजें हैं लेकिन सारी कंपनी इन्हें अलग-अलग सेल करती हैं और कुछ कंपनियां दोनों को साथ में जैसे GoDaddy यह कंपनी डोमेन के साथ होस्टिंग की भी सुविधा देती कुछ नए लोग दोनों में कंफ्यूज हो जाते हैं उनके समझने के लिए देखा जाए तो माना एक घर है उस घर का एड्रेस डोमिन के बराबर होता है और उस घर के कमरे जिस पर उसका सामान रखा हुआ है वह वेब होस्टिंग के बराबर होता है ।

धन्यवाद आपको आज का आर्टिकल कैसा लगा इसे कमेंटबॉक्स पर जरूर बताएं

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