UPTET Syllabus and Exam Pattern

UPTET Syllabus and Exam Pattern – उन सभी भविष्य के शिक्षक शिक्षिकाओं को जो UPTET परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं UPTET 2022 का Syllabus और Exam Pattern अपलोड हो चुका है

यह उन सभी उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण है जो यूपी टीईटी की परीक्षा को पास कर शिक्षक व शिक्षिका बनने का सपना देख रहे हैं UPTET के अपलोड इस सिलेबस से उम्मीदवार अपनी तैयारी की रणनीति बना सकते हैं जिससे उन्हें परीक्षा में मदद मिलेगी

UPTET के एग्जाम पैटर्न देखकर अगर तैयारी करें तो उम्मीदवार एक अच्छी तैयारी के साथ बढ़िया रणनीति से परीक्षा को पास कर सकते हैं इसलिए सिलेबस और एग्जाम पैटर्न को UPBEB द्वारा जारी किया जाता है।

क्योंकि यह उत्तर प्रदेश के शिक्षक शिक्षिकाओं के लिए निकला पद है जिसमें उत्तर प्रदेश के स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए उम्मीदवार की पात्रता निर्धारित करने के लिए परीक्षा आयोजित ली जाती है UPTET का सिलेबस परीक्षा की तैयारी करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम है तथा यूपीटीईटी का पाठ्यक्रम UPBEB द्वारा जो अपलोड किया गया है उसका विवरण इस लेख में किया गया है तथा इसके परीक्षा का भी विस्तार पूर्वक वर्णन किया गया है अतः इस लेख को अंत तक पढ़ें।

UPTET का फुल फॉर्म –

UPTET का फुल फॉर्म अंग्रेजी में Uttar Pradesh Teacher eligibility test होता है जिसे हिंदी में शिक्षक पात्रता परीक्षा कहते हैं।

परीक्षा की संख्यापेपर I
पेपर II
परीक्षा का तरीकाऑफलाइन, लिखित
प्रश्नों के प्रकारबहुविकल्पी प्रश्न (MCQ)
प्रत्येक पेपर के अंक150
प्रत्येक पेपर में प्रश्नों की कुल संख्या150
UPTET 2022 अंकन योजनाकोई नकारात्मक अंकन नहीं
समय2 घंटे 30 मिनट
परीक्षा की भाषाअंग्रेजी और हिंदी

UPBEB द्वारा दर्शाया गया UPTET का परीक्षा पैटर्न 2022 –

1.UPTET कि इस परीक्षा ने 2 पेपर होते हैं जिसमें पहला पेपर उनके लिए होता है जो शिक्षक कक्षा I – V तक के लिए इच्छुक है अर्थात पहली से लेकर पांचवी तक के बच्चों को पढ़ाना चाहते हैं और दूसरा पेपर उन सभी उम्मीदवारों के लिए है जिसे कक्षा छठवीं से आठवीं तक के छात्रों को पढ़ाना है जिसे कक्षा VI से VIII तक का शिक्षक बनना है।

2. यदि जो उम्मीदवार कक्षा VIII तक के छात्रों को पढ़ाना चाहता है या पहली से आठवीं तक का शिक्षक बनना चाहता है तो उन्हें UPTET का दोनों पेपर देना होगा जिसमें प्रथम और द्वितीय दोनों शामिल है।

3. बोर्ड द्वारा इस पेपर को सॉल्व करने की समय अवधि 2 घंटा 30 मिनट दी जाती है।

4. प्रथम पेपर तथा द्वितीय पेपर दोनों का कुल योग अंक टोटल 150 होता है।

5.UPTET मैं बहुविकल्पी प्रश्न पूछे जाते हैं अर्थात MCQ आधारित प्रश्न।

6. कोई नकारात्मक अंकन नहीं होता है।

7. पेपर प्रथम का सिलेबस और पेपर द्वितीय का सिलेबस दोनों ही अलग-अलग होंगे जिसे नीचे हम जानेंगे।

UPTET का पेपर – I.  

UPTET के प्रथम पेपर में कुल 150 प्रश्न पूछे जाते हैं इस पर प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होता है जिस पर प्रश्न गलत होने में कोई भी नकारात्मक कटौती नहीं होती जिसे पूरा करने का समय 2 घंटा 30 मिनट होता है।

विषयप्रश्नों की संख्याअंक
बाल विकास, सीखना और शिक्षाशास्त्र30 प्रश्न30 अंक
पहली भाषा (हिंदी)30 प्रश्न30 अंक
दूसरी भाषा (अंग्रेजी, उर्दू और संस्कृत से कोई भी)30 प्रश्न30 अंक
गणित30 प्रश्न30 अंक
पर्यावरण अध्ययन30 प्रश्न30 अंक
uptet syllabus

UPTET का पेपर – II.

UPTET के द्वितीय पेपर में भी 150 प्रश्न पूछे जाते हैं जिसमें प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होता है परंतु इस का सिलेबस और पेपर दोनों पहला पेपर से अलग रहता है इसमें भी कोई माइनस मार्किंग नहीं होती समय अवधि 2 घंटे 30 मिनट की होती है।

विषयप्रश्नों की संख्याअंक
बाल विकास, सीखना और शिक्षाशास्त्र30 प्रश्न30 अंक
पहली भाषा (हिंदी)30 प्रश्न30 अंक
दूसरी भाषा (अंग्रेजी, उर्दू और संस्कृत से कोई भी)30 प्रश्न30 अंक
A. गणित/विज्ञान B. सामाजिक अध्ययन/सामाजिक विज्ञान60 प्रश्न60 अंक
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UPTET का प्रथम पेपर का Syllabus 2022 –

बाल विकास और शिक्षाशास्त्र .

  1. बाल विकास वृद्धि और विकास की अवधारणा, बाल विकास का अर्थ आवश्यकता, वृद्धि और इसका दायरा, अवधारणा, सिद्धांत, कारक स्नेह विकास, मानसिक विकास, शारीरिक विकास, भाषा का विकास भावनात्मक विकास, अभी व्यंजन क्षमता का विकास, रचनात्मकता और रचनात्मक क्षमता का विकास, पर पर्यावरण की भूमिका।
  2. सीखना सीखने से आशय इसका अर्थ का सिद्धांत, सीखने को प्रभावित करने वाले कारक, इसकी अवधारणा और प्रक्रियाएं, बच्चे कैसे सीखते हैं कैसे सोचते हैं, प्रेरणा और सीखने के लिए निहितार्थ,।
  3. व्यक्तिगत मतभेद व्यक्तिगत मतभेद का अर्थ, अंतर, प्रकार और स्नेह, भाषांतर, लिंग, समुदाय, धर्म और जाति के आधार पर  व्यक्तिगत मतभेद, इसको समझना, व्यक्तित्व – इसकी अवधारणा है और इसके प्रकार, इंटेलिजेंस कॉन्सेप्ट, मल्टीडाइमेंशनल इंटेलिजेंस, बुद्धि – इसकी अवधारणा, सिद्धांत, खुफिया, इस से आशय आदि।
  4. समझौता और विविध सीखने इस से आशय, सभी प्रकार के अर्थात विविध शिक्षार्थियों को समझाना, प्रतिभाशाली रचनात्मक, विशेष रूप से विकलांग, सीखने की कठिनाइयां और समायोजन की अवधारणा, समयोजन और संकल्पना, समायोजन के तरीके, समायोजन में शिक्षक की भूमिका ।
  5. शिक्षण राष्ट्रीय 84 की रूपरेखा, शिक्षण अधिगम रणनीति और विधियां, 2005 के संदर्भ में शिक्षण अधिगम प्रक्रिया, मापन, आकलन, और मूल्यांकन, का प्रमुख उद्देश्य और अर्थ, उपलब्धि परीक्षण का संकुचन, व्यापक और सतत मूल्यांकन, शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009, जिसमें शिक्षकों की भूमिका और उत्तरदायित्व है।

 अंग्रेजी .

  1. Unseen passage, Antonyms, Synonyms, spelling word formation, one word substitution
  2. Change of degree, parts of speech, unseen prose passages, tenses, Determiners,
  3. Active and passive voice, knowledge of English sounds and phonetic symbols, framing questions, 
  4. English language teaching, principle of English teaching, method and approaches 
  5. Development of launguage skills teaching, learning materials including textbook, multi media material ,other resources
  6. Evaluation of language proficiency, English preparation tips, comprehensive and continuous evaluation,

हिंदी/संस्कृत/उर्दू .

  1. मौखिक क्षमता
  2. भाषा शिक्षण के सिद्धांत
  3. व्याकरण का महत्वपूर्ण पहलू
  4. शिक्षण अधिगम अन भाषा कौशल की सामग्रियां
  5. कक्षा में शिक्षण चुनौति
  6. सुनना और बोलने की भूमिका
  7. व्याकरण सीखना और अनुमान अधिग्रहण
  8. भाषा समझ में दक्षता
  9. प्रत्यय, उपसर्ग, तत्सम तद्भव देशज, विष की प्रवेश परीक्षा परिणाम
  10. विलोम, समानार्थी, बहुविकल्पी, मंगल शब्द
  11. ध्वनि संधि, दीर्घ संधि, वृद्धि संधि, यण संधि आयदि संधि, व्यंजनाधी, विसर्ग संधि
  12.  अलंकार, तथा भेद , कला मित्रों की रचनाएं, सभी प्रकार की मात्राएं

 गणित .

  1. सूचकांक, गुणनखंड, वर्गमूल, धन मूल, समीकरण, बीजीय व्यंजक, 
  2. अनुपात और समानुपात, ब्याज, प्रतिशत
  3. रेखाएं और कोण, पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन, समतल आकृतियां, स्थान आकृतियों का क्षेत्रफल
  4. सांख्यिकी, ग्राफ
  5. गणित की प्रकृति, गणित का समुदाय, गणित की भाषा, गणित का स्थान
  6. परिमाप , त्रिभुज, आयात, वर्ग, चतुर्भुज
  7. लाभ हानि
  8. आंकड़ा
  9. रेलवे या बस समय सारणी
  10. साधारण ब्याज
  11. एकात्मक नियम
  12. न्यूनतम राष्ट्रमंडल और अधिकतम राष्ट्रमंडल

पर्यावरण विज्ञान .

  1. कपड़े और आवाज – सभी के घरों में कपड़ों का रखरखाव,. मौसम के अनुसार कपड़ों का ज्ञान, पावर लूम और हथकरघा, घरों और आसपास के क्षेत्रों की साफ सफाई, जीवित प्राणियों के आवास, विभिन्न प्रकार के घर, घर बनाने के लिए आवश्यक सामग्रीया का ज्ञान,  परिवार – परमाणु और संयुक्त परिवार, परिवार से आशय, परिवारिक निजी रिश्ते, समाजिक हनन जिसमें बाल विवाह, दहेज प्रथा, बाल श्रम चोरी चकारी आते हैं, नशा और धूम्रपान, इसके व्यक्तिगत समाजिक तथा आर्थिक रूप से बुरे प्रभाव
  2. पेशा – अपने परिवेश का व्यवसाय जैसे कि कपड़े सिलाई करना, बागवानी, खेती किसानी, पशुपालन, सब्जी बेचना आदि, लघु और कुटीर उद्योग, राज्य के प्रमुख उद्योग, उपभोक्ता संरक्षण की आवश्यकता, सहकारी समितियां, सार्वजनिक स्थान और संस्थान – सार्वजनिक स्थान जैसे अस्पताल, डाकघर, स्कूल, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, सार्वजनिक भवन आदि सभी सार्वजनिक संपत्ति, बिजली और पानी की बर्बादी, सामान्य जानकारी पंचायत, रोजगार नीतियां, थोड़ा विधानसभा और सांसद के बारे में जानकारी हमारी संस्कृति और सभ्यता – हमारे भारत देश में लगने वाले तरह-तरह के मेले, त्योहार, राष्ट्रीय पर्व, भोजन, पकवान, राज्यों की कला, पर्यटन स्थल, कुछ महान हस्तियां।
  3. परिवहन और संचार – परिवहन और संचार से आशय, इसके साधन, परिवहन के नियम, तथा पैदल चलने वालों के लिए नियम , मानव जीवन शैली पर संचार के साधनों का प्रभाव, जीवित प्राणियों – जीवित जीवो की विविधता, राष्ट्रीय पक्षी, राष्ट्रीय पशु, राष्ट्रीय वृक्ष, आरक्षित वन और वन्य जीवो का ज्ञान, पौधों की प्रजातियों का ज्ञान संरक्षण और पशु का ज्ञान, खरीफ और रबी फसलों का बयान, व्यक्तिगत स्वच्छता – हमारे शरीर के बाहरी अंग उसका ज्ञान शरीर के अंदरूनी अंगों का ज्ञान, शरीर के अंगों की साफ सफाई, संतुलित आहार और इसका महत्व तथा दुष्परिणाम, सामान्य रोग, (एनीमिया, मलेरिया, डेंगू, अमीबायोसिस, एनीमिया) बीमारियों से बचने के उपाय रोकथाम, सरकार द्वारा चलाए गए अभियान जैसे पल्स पोलियो अभियान
  4. मौसम और जलवायु – जंगल, हवा, पानी, रेगिस्तान, इन सभी के बारे में पता होना, विभिन्न प्रकार के प्रदूषण, राज्यों में ऊर्जा के नवीनीकरण और गैर नवीनीकरण साधन, इनके संरक्षण के लिए उपाय, मौसम और जलवायु, जल चक्र का ज्ञान, पदार्थ और उर्जा – विभिन्न प्रकार के ईंधन, ऊर्जा के प्रकार, ऊर्जा का माध्यम, एक रूप का दूसरे रूप में परिवर्तन, मानव के दैनिक जीवन में ऊर्जा का उपयोग, प्रकाश का स्त्रोत प्रकाश के गुण, पदार्थों के सामान्य गुण जिसमें रंग, लचीलापन, घुलनशील ता, अवस्था आदि शामिल है
  5. पर्यावरण अध्ययन की अवधारणा और दायरा – पर्यावरण का महत्व पर्यावरण शिक्षा सीखने के सिद्धांत, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान का दायरा और संबंध, एकीकरण पर्यावरण अध्ययन, अवधारणाओं को प्रस्तुत करने के दृष्टिकोण
  6. क्रियाएं – शिक्षण सामग्री/सहायक शिक्षण की समस्या, प्रयोग, व्यावहारिक कार्य चर्चा, व्यापक और मूल्यांकन

UPTET का द्वितीय पेपर का Syllabus 2022

बाल विकास .

  1.  सीखना और शिक्षा शास्त्र का ज्ञान
  2. समावेशी शिक्षा की अवधारणा ओं का ज्ञान विशेष आवश्यकता पड़ने पर बच्चों को समझाना
  3. बाल विकास का अर्थ, आवश्यकता और दायरा, बाल विकास के चरण, भाषा विकास, रचनात्मकता और रचनात्मक क्षमता का विकास आदि
  4. बाल विकास का आधार उन्हें प्रभावित करने वाले कारक

भाषा – I .

भाषा विकास का शिक्षण .

  1. भाषा शिक्षण के सिद्धांत
  2. सुनने बोलने की भूमिका
  3. बच्चे इस भाषा को एक उपकरण के रूप में कैसे उपयोग करें या करते हैं
  4. सीखना अधिग्रहण
  5. भाषा कौशल
  6. उपचारात्मक शिक्षण
  7. शिक्षण अधिगम सामग्री
  8. भाषा की समाज और प्रवीणता
  9. भाषा की कठिनाइयां त्रुटिया और विकार

 भाषा – II

  1. भाषा विकास की समझ शिक्षाशास्त्र

गणित .

  1. संख्या प्रणाली
  2. बीजगणित
  3. क्षेत्रमिति
  4. ज्यामिति
  5. शैक्षणिक मुद्दे
  6. डाटा संधारण
  7. समांतर रेखाएं चतुर्भुज रेखा त्रिभुज रेखाएं
  8. वृत्त की स्पर्श रेखाएं व्रत और चक्रीय चतुर्भुज
  9. कार्तीय तल
  10. दंड आरेख मिश्रित दंड आरेख
  11. बैंकिंग
  12. पाई और बार चार्ट

विज्ञान .

  1. सूक्ष्मजीव, मानव शरीर, जीवित प्राणी, और स्वास्थ्य, पशु प्रजनन और किशोरावस्था
  2. ऊष्मा, प्रकाश, बल और गति, ध्वनि
  3. प्रौद्योगिक और विज्ञान, सौर प्रणाली का ज्ञान
  4. रसायनिक पदार्थ तथा संरचना और पदार्थों की संरचना
  5. प्राकृतिक विज्ञान, विज्ञान की प्राकृति और संरचना, विज्ञान शिक्षण विधि को समझना
  6. उपचारात्मक शिक्षण, नवाचार पाठ्य सामग्री/सहायक मूल्यांकन समस्या

सामाजिक अध्ययन/सामाजिक विज्ञान .

  1. इतिहास – सबसे पुराना समाज, पहले किसान और चरवाहे , कब, कहां, और क्यों तथा कैसे, पहले शहर, प्रारंभिक राज्य, नए विचार, पहला साम्राज्य, स्वतंत्रता के बाद का भारत, राष्ट्रवादी आंदोलन, 1857 और 58 की क्रांति, महिला और सुधार, जाति व्यवस्था को चुनौती देना, ग्रामीण जीवन और समाज, कंपनी शक्ति की स्थापना, सामाजिक परिवर्तन, क्षेत्रीय संस्कृति, संस्कृति और विज्ञान, नए राजा और राज्य, दिल्ली का सुल्तान, वस्तु का कॉल, दूर की भूमि के साथ संपर्क, ।
  2. भूगोल – भूगोल की सामान्य जानकारी, सामाजिक अध्ययन के रूप में भूगोल, एक विज्ञान के रूप में भूगोल, सौर मंडल में ग्रह पृथ्वी, ग्लोब, पर्यावरण, प्राकृतिक, मानव पर्यावरण, वायु, जल, मानव पर्यावरण, निपटान परिवहन, कृषि उपज, मानव संसाधन।
  3. सामाजिक और राजनीति विज्ञान – लोकतंत्र राज्य सरकार, मीडिया को समझना, लिंक को खोलना, संविधान, सांसदीय और लोकतंत्र  सरकार के बारे में ज्ञान, सामाजिक न्याय, स्थानीय सरकार, जीवनयापन करना, लोकतंत्र राज सरकार।
  4. शैक्षणिक मुद्दे सामाजिक अध्ययन की अवधारणा और प्रकृति/सामाजिक विज्ञान, कक्षा की प्रक्रियाएं, गतिविधियां , महत्वपूर्ण सोच का विकास, प्रवचन, शिक्षण की समस्या, पूछताछ, सामाजिक अध्ययन स्रोत, प्राथमिक और माध्यमिक परियोजना कार्य,।

UPTET सिलेबस 2022 तथा पेपर का पैटर्न के बारे में हमने ऊपर संपूर्ण जानकारी दे दी है तथा इससे जुड़ी और अन्य जानकारी के लिए आप कमेंट सेक्शन में पूछ सकते है यदि यह लेख आपके लिए लाभदायक रहा तो इसे अपने दोस्तों तक जरूर पहुंचाएं जिससे उन्हें भी इसके बारे में जानकारी मिल सके।

धन्यवाद ।।।

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